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General Hindi Grammar Handwritten Notes PDF Download

General Hindi Grammar Handwritten Notes PDF Download
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 Hindi grammar content list

1.   हिंदी में अल्पप्राण और महाप्राण वर्ण
2.   अन्विति
3.   लिंग
4.   घोष और अघोष वर्ण
5.   हिंदी विशेषण
6.   हिंदी विपरीतार्थक शब्द
7.   हिंदी राजभाषा के रूप में
8.   हिंदी छन्द
9.   हिंदी धातु
10. हिंदी की बोलियाँ
11. हिंदी अलंकार
12. हिंदी मुहावरे
13. हिंदी लोकोक्तियाँ
14. संज्ञा
15. पदबंध
16. उपसर्ग
17. कारक
18. सर्वनाम
19.  विराम चिन्ह
20.  समास
21. संधि
22.  वाक्य
23. हिंदी ध्वनियाँ
24.  प्रत्यय
25. हिंदी पर्यायवाची
26.काल
27. क्रिया
28.  वाच्य
29. शब्द
30. अव्यय
31. वाक्यांश के लिए एक शब्द
32.  पक्ष
33.  उच्चारणगत अशुद्धियाँ
34.  रस
35.  वाक्य अशुद्धि शोधन
36.  एकवचन और बहुवचन
37.  वृत्ति
38.  अनेकार्थी शब्द
39. श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द

Hindi Grammar PDF General Hindi Vyakaran ( हिंदी व्याकरण ) Notes Free Download- click Here

Hindi Grammar Pdf Download

Book Name: Hindi Grammar Complete
Quality: Excellent
Format: PDF
Size: 2 MB
Pages: 103 Page
Language: Hindi Hindi

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Hindi Grammar Notes

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In all government exams , 20-25 questions related to Hindi are asked, so  by reading these notes of Hindi Grammar Notes , you can solve at least 14-20 questions in any government exam very easily! We have provided below the PDF of the complete notes of Hindi Grammar PDF , which you can view and download the PDF by clicking on the download button.

If you have any kind of complaint or any suggestion related to this PDF, then you can tell us by writing in the comment box below! We will be very happy to help you, we wish you a good future!

Topics Included in the PDF

  • संज्ञा
  • सर्वनाम
  • क्रिया
  • विशेषण
  • अव्यय (अविकारी शब्द)
  • भाषा
  • तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द
  • अव्यय (अविकारी शब्द )
  • लिंग
  • वचन
  • संधि
  • उपसर्ग
  • प्रत्यय
  • वाक्य
  • तथ्य
  • उदाहरण

 Below is the detail of all the topics given in the PDF of Hindi grammar: –

  1. Noun: – Name of which Vastu, prani, place, language, stage gun or condition is called noun. The word noun is not used for any Vastu, but for the name of Vastu. Such as – Himalaya, Ram, Hanumangarh, etc.
  2. Pronoun: – The word used in place of a noun is called pronoun There are mainly 3 differences of pronouns: – (i) masculine pronouns (ii) definitive pronouns (iii) relation-reading pronouns (iv) question-reading pronouns (v) uncertain reading pronouns (vi) personal-reading pronouns.
  3. Verb: The words by which a work is said to be done or done are called verbs. Such as – eating, drinking, sleeping, laughing, speaking.
  4. Adjective: – Words that reveal the characteristic of a noun or pronoun are called adjectives. There are mainly 5 distinctions of adjectives: – (i) Adjective adjective (ii) Adjective adjective (iii) Numeric adjective (iv) Adjective adjective (v) Adjective adjective
  5. Avayya (non-invasive words): – Those words in which there is no change due to gender factor etc. are called avayya. Like – how, said, why, how much.
  6. Language: Language is the means through which we express our thoughts.
  7. Tatasam, Tadbhav, Indigenous and foreign words: – If we consider Tatasam as father then Tadbhav can be considered as son, because Tatasam, gun forms of Tadbhav etc. are like father and son of each other. There are some exceptions. But naturally it can be assumed that both of them will have something in common.
  8. Avayya (non-invasive words): – Those words in which there is no change due to gender factor etc. are called avayya. Such as: – angle, when, who, this etc.
  9. Gender: – The word sex means mark or identity. Under grammar, gender is called by which a word is known to be male or female. There are 2 types of sex: – (i) masculine (ii) feminine
  10. Promise: – By which the number of the perishable word is realized, it is called a word. There are 2 types of words: (i) singular (ii) plural
  11. Sandhi: – The change of wala occurring from mel of nikat sthit do varno is sandhi kehlata. Such as: – Speech + Ish – Ramesh Sandhi has mainly three distinctions.
  12. Prefixes: – Syllables that change the meaning of words before they are attached to a word are called prefixes.
  13. Suffixes: Those syllables which appear at the end of a word and change the meaning of that word are called suffixes. Like: – drama + car = playwright

लिंग और वचन

1. लिंग

 

लिंग की परिभाषा

संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति या वस्तु की पुरुष अथवा स्त्री जाति का बोध होता हैं उसे लिंग कहते हैं ।

उदाहरण: माता, पिता, यमुना, शेर, शेरनी, दादा, दादी, बकरा, बकरी |

लिंग के भेद

लिंग के दो भेद होते हैं :

(१) पुल्लिंग (Masculine Gender)

जिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है उन्हें पुल्लिंग शब्द कहते हैं ।

जैसे: पिता, भाई, लड़का, पेड़, सिंह शिव, हनुमान, बैल ।

 

(२) स्त्रीलिंग (Feminine Gender)

जिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है उन्हें स्त्रीलिंग शब्द कहते हैं ।

जैसे: माता, बहन, यमुना, गंगा, कुरसी, छड़ी, नारी बुआ, लड़की, लक्ष्मी, गाय ।

 

मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ

मुहावरा – अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनाना।

अर्थ – अपनी बड़ाई आप ही करना।

मुहावरा – अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत।

अर्थ – समय रहते काम ना करना और नुक़सान हो जाने के बाद पछताना। जिससे कोई लाभ नहीं होता है।

मुहावरा – अंडे सेवे कोई, बच्चे लेवे कोई॥

अर्थ – परिश्रम कोई व्यक्ति करे और लाभ किसी दूसरे को हो जाए।

मुहावरा – अंत भला तो सब भला।

अर्थ – परिणाम अच्छा हो जाए, तो सभी कुछ अच्छा मान लिया जाता है।

मुहावरा – अढ़ाई दिन की बादशाहत।

अर्थ – थोड़े दिन की शान-शौक़त।

मुहावरा – अन्‍न जल उठ जाना।

अर्थ – किसी जगह से चले जाना।

मुहावरा – अन्‍न न लगना।

अर्थ – खा-पीकर भी मोटा न होना।

मुहावरा – अपना-अपना राग अलापना।

अर्थ – अपनी ही बातें कहना।

मुहावरा – अपना उल्‍लू सीधा करना।

अर्थ – अपना मतलब निकालना।

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

१.जो दिखाई न दे – अदृश्य

२.जिसका जन्म न हो – अजन्मा

३.जिसका कोई शत्रु न हो – अजातशत्रु

४.जो बूढ़ा न हो – अजर

५.जो कभी न मरे – अमर

६.जो पढ़ा -लिखा न हो – अपढ़ ,अनपढ़

७.जिसके कोई संतान न हो – निसंतान

८.जो उदार न हो – अनुदार

९. जिसमे धैर्य न हो – अधीर

 

१०.जिसमे सहन शक्ति हो – सहिष्णु

समास – परिभाषा व प्रकार

समास की परिभाषा

समास का मतलब है संक्षिप्तीकरण। दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया एवं सार्थक शब्द की रचना करते हैं। यह नया शब्द ही समास कहलाता है।

यानी कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ को प्रकट किया जा सके वही समास होता है। जैसे:

समास के उदाहरण :

कमल के सामान चरण : चरणकमल

रसोई के लिए घर : रसोईघर

घोड़े पर सवार : घुड़सवार

देश का भक्त : देशभक्त

राजा का पुत्र : राजपुत्र आदि।

वर्तनी सुधार

 वर्तनी सुधार 
किसी शब्द को लिखने मेँ प्रयुक्त वर्णोँ के क्रम को वर्तनी या अक्षरी कहते हैँ। अँग्रेजी मेँ वर्तनी को ‘Spelling’ तथा उर्दू मेँ ‘हिज्जे’ कहते हैँ। किसी भाषा की समस्त ध्वनियोँ को सही ढंग से उच्चारित करने हेतु वर्तनी की एकरुपता स्थापित की जाती है। जिस भाषा की वर्तनी मेँ अपनी भाषा के साथ अन्य भाषाओँ की ध्वनियोँ को ग्रहण करने की जितनी अधिक शक्ति होगी, उस भाषा की वर्तनी उतनी ही समर्थ होगी। अतः वर्तनी का सीधा सम्बन्ध भाषागत ध्वनियोँ के उच्चारण से है।
    शुद्ध वर्तनी लिखने के प्रमुख नियम निम्न प्रकार हैँ–
• हिन्दी मेँ विभक्ति चिह्न सर्वनामोँ के अलावा शेष सभी शब्दोँ से अलग लिखे जाते हैँ, जैसे–
– मोहन ने पुत्र को कहा।
– श्याम को रुपये दे दो।
      परन्तु सर्वनाम के साथ विभक्ति चिह्न हो तो उसे सर्वनाम मेँ मिलाकर लिखा जाना चाहिए, जैसे– हमने, उसने, मुझसे, आपको, उसको, तुमसे, हमको, किससे, किसको, किसने, किसलिए आदि।
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