MP GK IN HINDI [PDF]

0
918

Hello Aspirant , कैसे है आप सभी जैसे की आप सभी को पता होगा | हमारी टीम Update24hour हर दिन कुछ न कुछ नया लाते रहते है | इसलिए आज हम आप सभी के लिए मध्यप्रदेश जनरल knowledge MP GK IN HINDI में लेकर आये है | इसमें वो सभी प्रश्न मिल जायगे जो अकसर Civil Services Exam में पूछे जाते है | यहाँ पे नये प्रश्नों को की लिया गया है जिससे आप हमेसा अपडेट रहे है |

MP GK IN HINDI
MP GK IN HINDI

कुछ महत्वपूर्ण MP GK IN HINDI के बारे में !


म.प्र. खेल सम्मान विशेष (2013)

  • मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013 के सवोच्च खेल पुरुस्कार 28 ऑगस्ट 2013 को एक समारोह में प्रदान किए इस बार इस बार मलखम्भ में एक नया पुरस्कार ‘प्रभाष जोशी अवार्ड दिया गया।
  • मध्य प्रदेश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र तथा लाइफ टाइम अचीवमेट खेल पुरस्कार 2018 हेतु चयिनत खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के नामों की घोषणा 22 अगस्त 2013 को की गई थी।
  • मध्य प्रदेश में प्रत्येक वर्ष खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इस समारोह में इस बार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एम.सी. मैरीकॉम विशेष अतिथि रही। समारोह में एम.सी. मैरीकौम विशेष अतिथि रही। समारोह में एम.सी. मैरीकौम को लंदन ओलंपिक 2013 में बॉक्सिंग का कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश सरकार द्वारा 50 लाख की सम्मान राशि से सम्मानित किया गया। उन्हें 29 अगस्त 2013 को दिल्ली में अवार्ड समारोह में उपस्थित रहना है, इसलिए इस बार पुरस्कार समारोह एक दिन पहलेआयोजित किया गया।

राज्य में खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों को निम्नलिखित पाँच सम्मान दिए जाते हैं|

  1.  विक्रम पुरस्कार-19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ियों को दिया जाता है।
  2. एकलव्य पुरुस्कार-उदीयमान खिलाड़ियों को दिया जाता , विक्रम पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी भी दी जाती
  3. विश्वामित्र पुरस्कार-प्रशिक्षकों का दिया जाता है।
  4. लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार-जीवन पर्यन्त खेल की सेवा करने के लिए दिया जाता है।
  5. प्रभाष जोशी-केवल मलखम्ब (जो कि राज्य खेल है) के लिए।

चयनित खिलाड़ियों की सूची विक्रम परस्कार 2018

  • 5 दिलीप सिंह नेगी
  • भोपाल (कयाकिंग-केनोइंग),
  • अंकित सोनकर जबलपुर (कराते),
  • आरती खकाल इंदौर (ताईक्वांडो),
  • शनु महाजन भोपाल (फेन्सिंग),
  • सुरभि पाठक इंदौर (शूटिंग),
  • रोहन सिंह ठार जबलपुर (वूशु),
  • जलज सहाय सक्सेना इंदौर (क्रिकेट),
  • अंजली ठार भोपाल (साफ्ट टेनिस),
  • कामिल कय्यूम खान भोपाल (कयाकिंग-केनोइंग)

साक्षरता दर (2011)

म.प्र. की साक्षरता दर 70.63% है

पुरुष दर 80.53%

महिला 60.02%

म.प्र. का सर्वाधिक साक्षरता दर जबलपुर (825),

इंदौर (82.8),

भोपाल (828)

बालाघाट (788)

ग्वालियर (779) है

। म.प्र. में न्यूनतम साक्षरता दर (44.5),

बड़वानी (502),

सर्वाधिक पुरुष साक्षरता वाला जिला इंदौर है।

सर्वाधिक महिला साक्षरता वाला जिला भोपाल है।

कम पुरुष कम महिला साक्षरता वाला जला अलीराजपुर है।

साक्षरता दर की दृष्टि से प्रदेश का देश में 25 वां स्थान है।


मध्य प्रदेश • स्थायना एवं युनर्गठन

प्रदेश को भारत के बिल्कुल मध्य में होने के कारण भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू ने इसका नाम ‘मध्य प्रदेश’ दिया।

इसीलिए मध्य प्रदेश को भारत का हृदय स्थल भी कहते हैं। मध्य प्रदेश किसी भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा को नहीं छूता साथ ही प्रदेश की सीमा किसी भी समुद्र से नहीं मिलती अत: यह पूरी तरह भूआवेष्ठित (लैंड लोक्ड) (Land-locked) है।

कि मध्य प्रदेश को स्वतंत्रता से पूर्व मध्यभारत एवं बरार कहते थे।

(M.P. = मध्य भारत + बरार) 1947 से 1956 के बीच निम्न स्थिति थी।

(1) बघेलखण्ड और छत्तीसगढ़ की रियासतों को मिलाकर A में सम्मिलित किया गया था। इसकी राजधानी नागपुर थी।

(2) पश्चिम की 25 रियासतो को मिलाकर मध्य भारत नामक राज्य को भाग B में सम्मिलित किया गया। मध्य की राजधानी 6-6 माह के लिए ग्वालियर एवं इन्दौर

(3) उत्तर को 38 रियासतों को मि विं राज्य को भाग C का हिस्सा बनाया गया। रीवा थी। (वर्तमान भोपाल को भाग C के अंतर्गत प्रखा जोकि सीहोर जिले कि तहसील था। 1972 में भोपाल को एक बनाया गया।) राज्य पुर्नगठन आयोग-1953 राज्य पुर्नगठन आयोग का गठन हुआ अध्यक्ष फजल तथा दो सदस्य पं. हृदय नाथ कुंजरू एवं डॉ के एम पणिक्कर थे।

आयोग कि सिफारिश पर 1 नवम्बर 1956 को मध्य प्रदेश गठन हुआ। तथा निम्न परिवर्तन किए गए

(1) अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वर्धा, चाँदा, भण्डारा, एवं नागपुर के जिले तत्कालीन मुम्बई (अब महाराष्ट्र) में मिला दिए गए।

(2) मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का ग्राम सुनैल टप्पा राजस्थान को तथा राजस्थान के कोटा जिले कि सिरोज तहसील मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में मिला दी गई।

(3) भोपाल तथा विंध्य प्रदेश को मध्य प्रदेश में मिला दिया गया एवं भोपाल को मध्य प्रदेश की राजधानी बनाया गया।

कि मध्य प्रदेश को स्वतंत्रता से पूर्व मध्यभारत एवं बरार कहते थे।

(M.P. = मध्य भारत + बरार)

1947 से 1956 के बीच निम्न स्थिति थी।

(1) बघेलखण्ड और छत्तीसगढ़ की रियासतों को मिलाकर A में सम्मिलित किया गया था। इसकी राजधानी नागपुर थी।

(2) पश्चिम की 25 रियासतो को मिलाकर मध्य भारत नामक राज्य को भाग B में सम्मिलित किया गया। मध्य की राजधानी 6-6 माह के लिए ग्वालियर एवं इन्दौर

(3) उत्तर को 38 रियासतों को मि विं राज्य को भाग C का हिस्सा बनाया गया। रीवा थी। (वर्तमान भोपाल को भाग C के अंतर्गत प्रखा जोकि सीहोर जिले कि तहसील था। 1972 में भोपाल को एक बनाया गया।) राज्य पुर्नगठन आयोग– /

1953 राज्य पुर्नगठन आयोग का गठन हुआ अध्यक्ष फजल तथा दो सदस्य पं. हृदय नाथ कुंजरू एवं डॉ के एम पणिक्कर थे।

आयोग कि सिफारिश पर 1 नवम्बर 1956 को मध्य प्रदेश गठन हुआ। तथा निम्न परिवर्तन किए गए

(1) अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वर्धा, चाँदा, भण्डारा, एवं नागपुर के जिले तत्कालीन मुम्बई (अब महाराष्ट्र) में मिला दिए गए।

(2) मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का ग्राम सुनैल टप्पा राजस्थान को तथा राजस्थान के कोटा जिले कि सिरोज तहसील मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में मिला दी गई।

(3) भोपाल तथा विंध्य प्रदेश को मध्य प्रदेश में मिला दिया गया एवं भोपाल को मध्य प्रदेश की राजधानी बनाया गया।


NOTE-: 31 अक्टूबर 2000 को मध्य प्रदेश पुर्नगठन विभाजन अधिनियम पारित हुआ।


मध्य प्रदेश की इतिहास प्राचीन काल

  • हड़प्पा सभ्यता या सिंधु घाटी सभ्यता के साक्ष्य मध्य प्रदेश से नहीं मिलते।
  • भीमबैठिकाकी गुफाएं वर्तमान के मध्य प्रदेश में पिलेओलिथिक बस्तियों के प्रमाण प्रस्तुत करती हैं।
  • नर्मदा नदी घाटी के विभिन्न स्थानों पर पाषाण युग के कई उपकरण पाये गए है। एरान, कायथ, महेश्वर, नागदा और नवदतोली सहित कई जगहों पर ताम्रयुगीन स्थानों की खोज की गई है।
  • कई स्थानों पर लगभग 30,000 ईसा पूर्व के गुफा चित्रों की खोज की गई है। वर्तमान मध्य प्रदेश में मनुष्यों की बस्तियां मुख्य रूप से नर्मदा, चंबल और बेतवा जैसे नदियों की घाटियों में विकसित हुई हैं।

मध्य प्रदेश की इतिहास वैदिक काल

  • प्रारंभिक वैदिक काल के दौरान, विंध्य पर्वतों ने इंडो-आर्यन क्षेत्र की दक्षिणी सीमा का गठन किया था। प्राचीनतम प्रचलित संस्कृत पाठ ऋगवेद में, नर्मदा नदी का उल्लेख नहीं मिलता है।
  • चौथी सदी ईसापूर्व व्याकरणिक पाणिनी ने मध्य भारत में अवंती जनपद का उल्लेख किया। इसमें नर्मदा के दक्षिण में बसे केवल एक क्षेत्र अष्मका का उल्लेख है।बौद्ध पाठ अंगुतारा निकैया ने सोलह महाजनपदों का नाम दिया, जिनमें से अवंती, चेदि और वत्स में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों आते है।
  • महावस्तु ने पूर्वी मालवा क्षेत्र में एक अन्य दशर्न नामक राज्य का उल्लेख किया था। पाली भाषा मे लिखित बौद्ध लेखों मे मध्य भारत में उज्जैनी (उज्जयिनी), वेदीसा (विदिशा) और महिस्सती (महिष्मति) सहित कई महत्वपूर्ण शहरों का उल्लेख हैं।
  • प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, अवंती मे हैहय राजवंश, वितिहोत्रा वंश (हैहय की एक शाखा) और प्रद्योत वंश द्वारा क्रमिक रूप से शासन किया गया था। प्रद्योत के शासन में, अवंती भारतीय उपमहाद्वीप की एक प्रमुख शक्ति बन गई।बाद में शिशुनाग ने इस पर कब्जा कर मगध साम्राज्य में मिला लिया।को नंदों ने उखाड़ दिया, जिन्हें बाद में मौर्यों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।

MP GK IN HINDI को डाउनलोड करे |

जरुर पढ़ें : – यदि आपको इसी तरह की PDF रोज चाहिये तो आप नीचें दिए गये बेल आइकॉन पे click कर डेली PDF आसानी से प्राप्त कर सकते है |

Related PDF Must Read:-

जरुर पढ़ें :- दोस्तों अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल है या ebook की आपको आवश्यकता है तो आप निचे comment कर सकते है. आपको किसी परीक्षा की जानकारी चाहिए या किसी भी प्रकार का हेल्प चाहिए तो आप comment कर सकते है. हमारा post अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करे और उनकी सहायता करे. आप हमसे Facebook group से  और whatapp group भी जुड़ सकते है Daily updates के लिए.

Disclaimer : update24hour does not claim this book, neither made nor examined. We simply giving the connection effectively accessible on web. In the event that any way it abuses the law or has any issues then sympathetically mail us.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here