भारत सरकार की सम्पूर्ण योजनाएं (2018)

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भारत सरकार की विभिन्न योजनायें (2018)Hello Students देश की प्रायः परीक्षाओं में, खासकर Competitive Exams में केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं से कई प्रश्न पूछे जाते हैं जो Objective के साथ-साथ Subjective भी होते हैं| संघीय सिविल सेवा एवं राज्य PCS की प्रारंभिक परीक्षाओं में लगभग 10 सवाल तो इस खंड से पूछ ही लिए जाते हैं| परन्तु समस्या यह है की ये योजनायें यत्र-तत्र तो मिल जाती हैं परन्तु ये एक साथ नहीं मिल पति है| दूसरी ओर विगत तीन-चार वर्षों में केंद्र एवं राज्य सरकारों ने कई योजनाओं की घोषणा की है जो एक साथ नहीं मिलते| भारत सरकार की विभिन्न योजनायें (2018) विशेषांक में हमने प्रायः उन सभी योजनाओं को एक साथ रखकर तथ्यात्मक रूप से विश्लेषित करने का प्रयास किया है जो आपके लिए परीक्षाउपयोगी है|

भारत सरकार की सम्पूर्ण योजनाएं (2018)
भारत सरकार की सम्पूर्ण योजनाएं (2018)

भारत सरकार की सम्पूर्ण योजनाएं (2018) की कुछ महत्वपूर्ण योजना


सरकारी ऐप/पोर्टल

  • गाव ऐप (Grameen Vidyutikaran: GARV): गर्व ऐप यानी ग्रामीण विद्युतीकरण ऐप के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों एवं परिवारों में विद्युतीकरण की निगरानी की जाती है
  • दिव्यांग सारथी (Divyang Sarathi): कद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय द्वारा दिव्यांग जनों को आसानी से सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए यह ऐप आरंभ किया गया है।
  • ई-सनद (e-Sanad): विदेश जाने वाले लोगों को डिजिटली दस्तावेज प्रमाणन के लिए ई-सनद आरंभ किया गया है। इसे मई 2017 में लॉन्च किया गया। यह विदेश मंत्रालय की पहल है।
  • ई-उपकरण (e-Upkaran): यह राजस्थान के सभी अस्पतालों में उपकरणों के भंडार प्रबंधन एवं रख-रखाव में सुधार का व्यापक सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन है। इसे ईएमएमएस भी कहा जाता है।
  • ई-औषधि (e-Aushadhi): यह वेब आधारित दवा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन एप्लिकेशन है।
  • प्रियासॉफ्ट (PRIASOFT): यह पंचायती राज संस्थान लेखा सॉफ्टवेयर है। इसे ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च किया गया है।
  • तरंग (TARANG): कद्रीय विद्युत मंत्रालय का पोर्टल है जिसके द्वारा आने वाली ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर नजर रखी जा सकती है।
  • city (DEEP: Discovery of Efficient Electricity Price): यह विद्युत मंत्रालय का ई-नीलामी पोर्टल है जिसके माध्यम से मध्यमकालिक विद्युत खरीद (1-5 साल) की जा सकती है।
  •  (TAMRA): till (Transparency Auction Monitoring and Resource Augmentation-TAMRA) केद्रीय खान मंत्रालय का पोर्टल है जिसे 15 फरवरी, 2017 को लॉन्च किया गया। यह भारत में खनन गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
  • प्लान प्लस (PlanPlus): यह ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट है।
  •  (Pencil): 48 (Platform for Effective Enforcement for No Child Labour) CIICT 2 H निरोधक पोर्टल है। इसे कद्रीय श्रम एवं नियोजन मंत्रालय द्वारा 26 सितंबर, 2017 को लॉन्च किया गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के शेरपुर (सेहोर) में 18 फरवरी, 2016 को ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ की औपचारिक शुरुआत की थी। केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को 13 जनवरी, 2016 को मंजूरी दी थी।
  • यह योजना पूर्ववर्ती ‘राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना’ (एनएआईएस) का स्थान लिया। इस योजना का क्रियान्वयन केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। बजट 2016-17 में इस बीमा योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे।
  •  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम (किस्तों) दरों को किसानों की सुविधा के लिए बहुत कम रखा गया है ताकि सभी स्तर के किसान आसानी से फसल बीमा का लाभ ले सक।
  •  इसके अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी की फसलें) को शामिल किया गया है। क्लेम सीधा संबंधित किसानों के बैंक खाते में पहुंच जाएगा। वहीं बाकी का भुगतान नुकसान के आकलन के बाद किया जाएगा। इसमें फसलों की कटाई से प्राप्त आंकड़ा भी शामिल होगा।
  • इसके लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को स्मार्ट फोन भी मुहैया कराया जाएगा। इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के साथ स्थानीय आपदाओं को भी जोड़ लिया गया है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश अथवा आंधी-तूफान से स्थानीय-स्तर पर होने वाले नुकसान पर भी बीमा का भुगतान किया जाएगा।
  •  नई फसल बीमा योजना ‘एक राष्ट्र एक योजना’ विषय पर आधारित है। ये पुरानी योजनाओं की सभी अच्छाईयों को धारण करते हुए उन योजनाओं की कमियों और बुराईयों को दूर करता है।

इंडिया एस्पिरेशन फड (IAF)

  •  खरीफ (धान या चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना आदि) की फसलों के लिए 2% प्रीमियम का भुगतान किया जाता है। रबी (गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि) की फसल के लिए 1. 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाता है।
  • वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों बीमा के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाता है।  सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यदि बचा हुआ
  • यह स्टार्ट अप इंडिया पहल की हिस्सा है और इसकी शुरुआत केद्रीय त मंत्री श्री अरुण जेटली द्वारा 19 अगस्त, 2015 को मुंबई में की गई थी। इस कोष की स्थापना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) द्वारा देश में स्टार्ट-अप फडस ऑफ फडस इकोसिस्टम (Fund of Funds to encourage Start-ups) fàchfHai ch à È friŲ, qî गई है।
  • इस कोष की आरंभिक पूंजी 2000 करोड़ रुपये है।
  • प्रीमियम 90 प्रतिशत होता है तो ये सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • शेष प्रीमियम बीमा कपनियों की सरकार द्वारा दिया जाएगा। ये राज्य
  • तथा कद्रीय सरकार में बराबर-बराबर बांटा जाएगा।
  • यह योजना राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एन.ए.आई.एस.) और
  •  इस फड में जीवन बीमा निगम सह-निवेशक है।

अमरुत मिशन (AMRUT)

  • संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एम.एन.ए.आई.एस.) का स्थान लेती है।
  •   प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले 3 सालों के अंतर्गत सरकार द्वारा 8,800 करोड खर्च करने क साथ ही 50 प्रतिशत किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • मनुष्य द्वारा निर्मित आपदाओं जैसे आग लगना, चोरी होना, सेंध लगना आदि को इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून, 2015 की ‘अटल कायाकल्प व शहरी रुपांतरण पर अटल मिशन यानी ‘अमरुत’मिशन'(Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation-AM RUT) Ch| शुभारंभ किया। यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है।
  • इस मिशन ने पूर्ववर्ती जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी मिशन का स्थान लिया है।  इस मिशन का उद्देश्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा शहरों
  •  प्रीमियम की दरों में एकरुपता लाने के लिए, भारत में सभी जिलों को समूहों में दीर्घकालीन आधार पर बांट दिया गया है। इस योजना के तहत कैपिंग का प्रावधान पूरी तरह हटा दिया गया की अपनी भावी विकास योजना तैयार करने के लिए अवसर उपलब्ध कराना है।
  • इसके तहत 500 शहरों को शामिल किया गया है और मिशन के पांच वर्षों की अवधि में 50,000 करोड़ रुपये का व्यय है, जिससे किसानों को पूरा लाभ मिल सकेगा। इस योजना में कम प्रीमियम में ज्यादा जोखिम कवर होगा और ज्यादा सहायता दी जाएगी।
  • इस मिशन के तहत सुनिश्चित किया जाएगा कि;
  • फसल बीमा को व्यापक व समावेशी बनाते हुए इसे खेत में फसलों
  • की बुवाई से खलिहान तक को समेटने की कोशिश की गई है। पोस्ट
  • हार्वेस्टिंग में होने वाले नुकसान को भी शामिल किया गया है।
  • इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद 25 फीसदी 114 |सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ०नवंबर 2017

भारत सरकार की सम्पूर्ण योजनाएं (2018)

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